मैं एक चुतिया चमार हूँ

मैं एक  चुतिया चमार हूँ
मैं दुनिया में गांड मरने आया हूँ |  मैं अपनी life  से frustrate  हो गया हूँ | क्या कोई मुझे मार के मुझे मुक्त करेगा| मेरी गांड में दम नहीं है की मैं suicide  कर सकू| दो attempt  फ़ैल हो गए हैं| पर तीसरा attempt  fail  नहीं होने दूंगा| frustration  मैं सबकी माँ चोदने से बेहतर है की मैं अपनी गांड मार लू, suicide  करके |  अगर मैं जल्दी नहीं मरा तो तुम सबकी गांड मरने psycho बनके आऊंगा | इसलिए तुम सब लोगो को चाहिए की मुझे मार दो|  दुनिया मैं सब चूतिये हैं जो की suicide  करने वाले को बचाने आते है| वो चूतिये अपनी प्रॉब्लम तो solve  नहीं कर सकते और suicide  करने वाले को बचाने आ जाते हैं, अबे चूतिये, तुम्हारी गांड में तो अपनी प्रॉब्लम solve  करने की ताकत नहीं है तो तुम मरने वाले की क्या घंटा प्रॉब्लम solve  करोगे, मरने वाले ने अपनी प्रॉब्लम का solution  suicide  करके निकलने का फैसला लिया है तो तुम अपनी टांग बीच में क्यों अड़ा रहे हो| हर country  में mercy  killing  का funda  होना चाहिए , अगर कोई अपनी लाइफ से frustrate  हो जाये तो mercy  killing  department  में जाके application  फाइल करे और अपनी मन चाही मौत एक्सेप्ट कर ले|

Posted in Uncategorized | Leave a comment

राष्ट्रवाद का सच, भारत माता की …!

राष्ट्रवाद का सच
भारत माता की …! 15 अगस्त बीत गया है, आज़ादी के 63 साल बीत गए हैं, लेकिन हम लकीर के फकीर, वहीँ के वहीँ है|  फिल्मो में, किताबो में , और बुद्धिजीवियों ने कहा है – “देश तभी सुधेरेगा जब तुम अपने आप को सुधारोगे, हर व्यक्ति अगर सरकार के भरोसे बैठ जाये या किसी चमत्कार का इंतेजार करे तो उद्धार नहीं हो सकता”|  अबे बेहेनचोद – अगर हर individual अपनी responsibility समझने लग जाये  तो जनता को सरकार की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, किसी क़ानून व्यवस्था की जरूरत नहीं पड़ेगी| में तो कहता हूँ की इस country को हिटलर जैसे dictator की जरूरत है, जो अपनी तानाशाही से अपने monarch  को बनाये और सबकी माँ चोद के responsibility  का पाठ पढाये|  इस फटी चुद वाली सरकार और कानून व्यवस्था की औकात नहीं है की वो किसी का भला कर सके| ये सारे बेटिचोद राजनेता सरकार नाम की रापचिक रंडी के दलाल हैं, और महा-मादरचोद व्यापारी इन दलालों की मदद से सरकार को चोद रहे हैं, अब नौबत ये है की सरकार की चुद फट गयी है पर इन महा-मादरचोद व्यापारियों का लंड अभी ठंडा नहीं हुआ हैं, और अब ये उस फटी चुद को तो मार ही रहे है और साथ-ही-साथ सरकार की गांड भी मार रहे है, व्यापारी आगे से और राजनेता पीछे से, double penetration हो रहा है| अब तो भारत में capitalist  और politician लोगो का ही राज हो गया है|  और आम जनता अपनी माँ चुदा रही है, एक गौर करने वाली बात है – भारत को भारत माता क्यों कहा गया है, भारत पिता क्यों नहीं?, अबे चूतियों, अगर भारत को माँ नहीं बोलोगे तो चोदने को कैसे मिलेगा, तो अब मतलब ये निकलता है की भारत हो गयी माँ और गाँधी हो गया भारत का पिता, पर गाँधी का तो लंड खड़ा नहीं होता था, तो ये capitalist और politician लोग भारत माता को चोद रहे हैं और उस हरम की हरामी औलादें भारत की जनता कहलाती है, और ये जनता 30 करोड़ से 1 अरब हो गयी है, पिछले 63 सालों में इन capitalist और politician लोगों ने भारत माता की खूब चूत मारी है| अब इस भारत को कोई individual effort, क्रांति, humanitarian work या भलाई से ठीक नहीं किया जा सकता , इसके लिए dictatorship या marshal law का होना जरूरी है|  बाबा रामदेव ने भी कहा है की अंग्रेज कानून व्यवस्था तो भारतियों का शोषण करने और उनपे आत्याचार करने के लिए बनाई गयी थी, अब भारत के चूतियों ने उसी कानून व्यवस्था को जरी रखा, सारे चूतियों में no 1 था भीमराव चुतिया आंबेडकर जिसने अपनी अकल नहीं लगायी और भारत की चुतिया जुगाड़ technology से copy paste करतें हुए भारत का 80 % संविधान अंग्रेज संविधान से चोरी कर लिया, उस चूतिये को नहीं मालूम था की अंग्रेजो की हर चीज भारतीयों की माँ चोदने के लिए बनाई है| में तो अंग्रेजो की बुद्धि का लोहा मानता हूँ , ये बेटिचोद अंग्रेज बहुत काबिल और दुनिया के सबसे बुद्धिजीवियों में गिने जाने वाले मनुष्य है, आधी से ज्यादा दुनिया की माँ चोद रखी थी, सबसे powerful nation अमेरिका भी कभी अंग्रेजो से गांड मरा चूका है|  अब हरम की ये औलादें बड़ी और व्यस्क हो चुकी हैं, और इनकी समझ में आ गया है की ये सब उन capitalist और politician लोगों की अवैध संताने हैं, ये हरम की औलादें आज-कल नक्सली के नाम से जानी जाती हैं | इन नक्सलियों की बुद्धि भी कम है, इन्हें public property नष्ट करने की बजाए, अपने ठरकी बापों की गांड मारनी चाहिए, anti-infantry या anti-tank mine से पुलिस वालों को मारने से कुछ नहीं होगा, इन्हें तो capitalist और politician लोगों के हाँथ और पैर काट कर दुनिया में गांड मरवाने के लिए छोड़ देना चाहिए | संसार में अपंग होकर जीने से इन मादरचोदो की अकल ठिकाने आ जाएगी|  ये एक और दूसरा उपाय है जो की भारत को developing से developed country की श्रेणी में ला देगा| पूंजीवादियों के खिलाफ बनी एक movie है जो की मुंबई का सच बयां करती हैं, “CITY  OF  GOLD” – महेश मन्झरेकर की बनाई मूवी है जो ये दिखाती हैं की किस तरह capitalist लोगो ने निचले तपके के लोगो का शोषण किया, और अपना काम निकल जाने पर उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया, अंडर-वर्ल्ड के बनने का भी यहीं कारण था, जब labor class लोगो की रोटी का इन्तेजाम नहीं हो रहा था तब इन अनपढ़ गंवार लोगो ने इन पूंजीवादियों की कनपट्टी पर बन्दूक रख कर इनकी गांड से पैसा निकालना शुरू कर दिया|

Posted in Uncategorized | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , | Leave a comment

ब्राम्हणों और चमारों में कोई अंतर नहीं है, है तो बस ज्यादा और कम बुद्धिजीवी होने का|

ब्राम्हणों और चमारों में कोई अंतर नहीं है, है तो बस ज्यादा और कम बुद्धिजीवी होने का|
ब्राम्हणों की माँ का चुद | सब ब्राम्हण मादरचोद होते हैं| ब्राम्हण साले इतने मादरचोद हैं की अपनी विरासत में मिली बुद्धि को कायम रखने के लिए ये बेटिचोद अपने ही कौम और बिरादरी में शादी करते हैं| इन्ही मादरचोद ब्राम्हणों ने ये समुदायवाद बनाया है, क्योंकि ये सबपे राज करना चाहते हैं| पृथ्वी की शुरुवात से ही कुछ बुद्दिजीवियों ने कम बुद्धि वाले मनुष्यों को गुलाम बनाने के लिए लोगो का वर्गीकरण कर दिया|  अब ये बुद्धिजीव अपने आप को ब्राम्हण कहलाने लगे, वर्ण और भेदभाव यहीं से चालू हुआ है | जो कम बुद्धि का मनुष्य है उससे ये अपनी गांड धुलवाने लगे और उसे जमादार का खिताब दे दिया |  अब भला कम बुद्धि का होना किसी मनुष्य की गलती नहीं है, वो तो बेचारा गांड मरवाने के लिए पैदा हो गया है, ये तो उस महा मादरचोद supreme power का किया धरा है, जिसने की ये दुनिया बनाई है | वो महा मादरचोद supreme power  किसी को निचे आकर कुछ नहीं बताता है, सब कुछ, सारा राज़ उसने अपनी गांड में दाल रखा है| ये मादरचोद मनुष्य जो अपने आप को ब्राम्हण बताते हैं इन्हें भी नहीं मालूम की ये सब उस महा मादरचोद supreme power  से गांड मरवाने के लिए दुनिया में आये हैं, फिर भी ये साले चूतिये समुदायवाद और वर्ण भेद का गन्दा खेल खेल रहे हैं| अब भला जो चमारों में पैदा हुआ है उसका क्या कुसूर हैं, ये तो उसकी choice  नहीं थी की वो चमारों में पैदा हो |  ये तो ब्राम्हणों का good  luck  सौभाग्य है की वो ब्राम्हणों में पैदा हुए है, फिर भी ये मादरचोद चौड़े होते रहते हैं| अब बेहेन्चोद, तुम कहोगे की ये तो कर्मो का फल है, अबे चूतिये, कभी अपनी अकल लगाई है, माँ-बाप, दादा-परदादा यही राग अलापते रहे और तुम जैसे कम बुद्धि वाले चूतिये को भी यही सिखा गए, कर्मो का फल, माँ की चुत| किस कर्म का फल? जो किसी दूसरे शरीर ने पिछले जनम में किया ! (अगर हम जन्म जन्मान्तर में विस्वाश करे तो ) अब अगर उस दूसरे शरीर जो की पिछले जनम का था उसने पाप किये तो बेहेन्चोद इस शरीर को क्यों सजा मिल रही है, शरीर तो दूसरा था जिसने गंदे कर्म किये, तुम सब चूतिये हो जो औरों के कहने पे आ गए हो, ये वोही  ब्राम्हण मादरचोद है जिसने की वेद पुराणों और गीता को tamper (modify बदल दिया है ) कर दिया है , इन लोगो ने अपनी सुविधा देखते हुए सरे साहित्यों को tamper कर दिया है, और अपने आप को सबसे ऊपर की श्रेणी में रख लिया है|  आच्छा एक और combination  लेते हैं – शरीर में आत्मा रहती है, अगर शरीर ने नहीं किया तो आत्मा ने बुरे कर्म किये पिछले जन्म में , तो बेहेन्चोद आत्मा की माँ चुदनी चाहिए न की शरीर की| सारे concept जो हिन्दुओं की किताबो में है वो सब crap (टट्टी) है | Darwin  बेटिचोद ने सही statement  दिया – “दुनिया में ताकतवर species  ही survive (जिन्दा रह सकती है) कर सकती है”| लेकिन darwin  चूतिये को एक और statement  देना था की – “within  species  the wise  can  survive  well  (वो ही समान रूपी जीव अच्छी जिंदगी बिता सकता है जो बुद्धिजीवी है , और वोही कम बुद्धि वालों पे राज करेगा )”
शायद इसलिए डायनासोर मनुष्यों की बुद्धि के आगे ख़त्म हो गए |  पर कम बुद्धि वाला मनुष्य कमजोर हो गया और सताया जाने लगा|

Posted in Uncategorized | Tagged , , , , , , , | Leave a comment

सब अपनी गांड मराने के लिए पैदा हुए हैं |

सब अपनी गांड मराने के लिए पैदा हुए हैं | सब बेटिचोदों को मर जाना चाहिए, क्योंकि वो सब भेन्चोद अपनी माँ चुदाने के लिए पैदा हुए है|  सबकी माँ चुद चुकी है इसलिए तो सब दुनिया में आ गए हैं|  इसलिए तो में कहता हूँ की सब अपनी माँ चुन्दाने के लिए पैदा हुए हैं|  जिंदगी झंड है , घमंड बंद करो और भगवान के खिलाफ प्रोटेस्ट करो और suicide  कर लो|  यही एक तरीका है उस मादरचोद सुप्रीम पॉवर के खिलाफ प्रोटेस्ट करनेका|  दिन भर गांड माराके कोई फायदा नहीं, वो सुप्रीम पॉवर तुम्हारी माँ चोदने के लिए ही तुम्हे बनाया है |  उसके खिलाफ प्रोटेस्ट करके ही तुम्हारा भला हो सकता है |

Posted in Uncategorized | Tagged | Leave a comment

ये दुनिया गांड मराने के लिए है| सुबह से शाम तक गांड मराते रहो

मैं जब से पैदा हुआ हूँ तब से गांड मरवा रहा हूँ |  मेरे आसपास के सभी लोग चूतिये हैं जो हर वक़्त मेरी गांड मारने में लगे रहते है| मैं एक चुतिया चमार हूँ| इस दुनिया में गांड मराने आया हूँ|चमार लोग genetically कमजोर होते है, चमारो की गांड मैं गूदा नहीं होता, उनमें लड़ने की ताकत नहीं होती इसलिए वो lower क्लास के होते है मेरा बाप भी एक चुतिया है, अपनी जिंदगी में तर्रक्की नहीं कर पाया| साला उस चूतिये ने मुझे भी पैदा कर दिया | मुझसे पूछे बिना मुझे पैदा कर दिया, अब में बिना अपनी मर्जी के इस दुनिया में जबरदस्ती लाया गया हूँ में यहाँ आके फँस गया हूँ , मुझे मुक्ति चाहिए, इस चुतियापे से, इस मंदबुद्धि दिमाग से, रोज-रोज के गांड मरवाने से, इस मादरचोद और बेरहम दुनिया से| ये  दुनिया बेरहम है, यहाँ अच्छे से जीने के लिए एक अच्छी किस्मत चाहिए, और लड़ने वाला attitude  और   हिम्मत जो की मेरे पास नहीं है, और न ही मेरे बाप के पास!

Posted in Uncategorized | Leave a comment

Meri kahani – my story

I m a life long looser, my birth is for getting fu@ked by others, and to accept all kinda humiliation.  Since my birth i m striving a lot to overcome humiliation, stupidity , dumb ass, moroness.  I talked to a astrologer, he told me that I will be getting something only if i put effort more than a avg. person does, I have to strive more as compared to avg. men, I will not be able to enjoy my life to live it fully because of the grief, pain and disappointment of failed efforts, I have to put more efforts than a usual men does to achieve something in life.
and there will always be a delay in small successes.  Now I m fed up with those huge delays and I have accepted that I m in this world to suffer a lot, even i haven’t done anything wrong, or wrong to anyone.  I m all f@c-ked up.  I need to release my body as it is causing much of pain, specially the mental stress.

I took birth in a chamar family at small town of india, and my parents are real morons with less intelligence(may b real stupids).  It could have been better for me if my papa would have flushed me out by ejaculating all his sperms in the lavatory, but that ass-hole has fertiled the female embroy and me the looosser is borned to get fu@ked.  My parents hail from a small village and they don’t understand me and my thoughts.  All are morons and of labor class.  my papa is a mechanic.  I feel he is a moron because he don’t have enough wit to take the right decision and is zero on moral conscience, he did B.COM and didn’t found himself suitable to be a B.COM graduate and that looser did ITI to become mechanic, ITI is a labor training and is for small designations as compare to B.COM.

I am not a graduate, this is one of the major points which is causing troubles for me in life.  my moron dad has no wit to understand the importance of graduation or education, at my teenage, he was supposed to be the mentor to guide me for my career, but a immature teenager kid was f!uk-ed up by his dad’s lost wisdom and stupidity and now I have almost completed half my life sucking everything.  he gave me a label of chamar, chamar is the lowest caste system in india, chamars are born to lick shits and ass-holes of higher class caste persons.  they are treated as the lowest caste in india.  why did my moron dad gave birth to bring me in this deadly planet full of brutal animals.    i didn’t even submitted any application to that moron dad to beget me.  Now i m begging every one of you to release my body and free me!

I don’t need this shitful life.  my neigbours are brahmins and they also humiliated me when they knew that we are chamars, before their accquaitance they use to treat me good and they offered my lunch and dinner several time, but when they came to know that i m chamar they started humiliating, and now after 20 years we are neigbourhood enemies.   my english sucks.

I hate brahmins they are witfull and wise, thats why they have dominated the lower wit communities, this caste system really kicks my ass brutally.  Christians are far better than indians.

Posted in Uncategorized | Leave a comment